हिरदागढ़। एक ओर आसमान से बरसती आग और दूसरी ओर बिजली विभाग की संवेदनहीन कार्यप्रणाली ने हिरदागढ़ क्षेत्र के नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है। विभाग द्वारा मेंटेनेंस का जो राग अलापा जा रहा है, वह अब आम जनता के लिए किसी प्रताड़ना से कम नहीं रह गया है।
कलेक्टर के आदेशों पर भारी विभाग की लापरवाही
हैरत की बात यह है कि जहां जिला कलेक्टर ने भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूली बच्चों के समय में परिवर्तन कर उन्हें राहत देने का प्रयास किया, वहीं बिजली विभाग ने उस राहत पर पानी फेर दिया। 16 और 24 अप्रैल को सुबह 9 से शाम 6 बजे तक यानी पूरे 9 घंटे की कटौती कर विभाग ने अपनी कार्यकुशलता की पोल खोल दी है। 18 अप्रैल को भी 3 घंटे तक बिजली का न होना यह दर्शाता है कि मेंटेनेंस केवल कागजों तक सीमित है।
ट्रिपिंग का शॉक ग्रामीण बेहाल
सिर्फ लंबी कटौती ही नहीं, बल्कि दिन भर में होने वाली 5 से 8 बार की ट्रिपिंग ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। बार-बार बिजली आने-जाने से न केवल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो रहे हैं, बल्कि इस उमस भरी गर्मी में वृद्धों और बीमारों की स्थिति दयनीय हो गई है।
जनता का फूटा आक्रोश
इस गंभीर समस्या को लेकर नवेगांव ब्लॉक कांग्रेस के पर्यवेक्षक केकी पंथकी ने मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (MPEB) के अधिकारियों के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। सोशल मीडिया के माध्यम से विभाग के इंजीनियर को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि हिरदागढ़ क्षेत्र की जनता को इस नारकीय स्थिति से तत्काल निजात दिलाई जाए।
